🌙 1. इंसानियत का इम्तिहान – फिलिस्तीन के लिए आवाज़ उठाइए
क्या हम इतने खुदगर्ज़ हो गए हैं कि हमें दूसरों के आंसू नहीं दिखते?
फिलिस्तीन की गलियों में आज भी बच्चों की चीखें गूंज रही हैं।
माएं अपने बच्चों को खो रही हैं।
घर बर्बाद हो गए, लेकिन उम्मीद अब भी ज़िंदा है।
🙏 आइए, हम अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
🕊️ इंसानियत के नाम पर, इस्लाम के नाम पर, उम्मत के नाम पर –
कुछ करें, कुछ दें, कुछ कहें।
💰 आपकी एक छोटी मदद किसी की ज़िन्दगी बदल सकती है।
“जिन्होंने एक इंसान की जान बचाई, उन्होंने पूरी इंसानियत को बचाया।” – कुरआन (5:32)